Congress Targets Centre Over Paper

पेपर लीक पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग

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Congress Targets Centre Over Paper

1. मोदी सरकार में इतना साहस तक नहीं रहा कि वह यह स्वीकार कर सके कि उसके कार्यकाल में पेपर लीक हुए हैं। शिक्षा मंत्रालय पहले संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के सामने यह दावा कर चुका है कि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। प्रधानमंत्री और मंत्री प्रधान ने सच्चाई स्वीकार करने के बजाय बेशर्मी से देश और संसद, दोनों से झूठ बोला है।

2. मोदी सरकार ने लगातार NTA से जुड़े पेपर लीक मामलों की जांच को धुंधला बनाए रखा है। उदाहरण के लिए, 2024 के NEET-UG पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ आखिर क्या कार्रवाई हुई, इस पर आज तक कोई पारदर्शिता नहीं है। इतना जरूर पता है कि CBI मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रही, जिससे उसे जमानत मिल गई। यह भी पता है कि CBI ने 2024 की UGC-NET परीक्षा, जिसे उस समय NTA ने रद्द कर दिया था, के मामले में यह कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी कि कोई अनियमितता नहीं हुई थी। लेकिन यह क्लोजर रिपोर्ट किस आधार पर दाखिल की गई, इसका कारण आज तक सामने नहीं आया है।

3. संसद ने 2024 की शुरुआत में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट पारित किया था। उस समय भी @INCIndia सहित विपक्ष ने आगाह किया था कि यह कानून पेपर लीक रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री ने उस विवेकपूर्ण सलाह पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।

भारत के छात्र इन आधे-अधूरे उपायों को स्वीकार नहीं कर सकते। वे पेपर लीक रोकने में मोदी सरकार की विफलता, पेपर लीक होने पर उन्हें स्वीकार करने से इनकार और उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने में नाकामी के लिए असली जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगें स्पष्ट हैं-

1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए
2. छात्रों से माफ़ी मांगी जाए
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए